Sesame Seeds

तिल के बीज

5000 पहले चीन ने तिल के बीजों का इस्तेमाल श्याही के ब्लॉक्स बनाने के लिए किया था, जबकि प्राचीन मिस्र के लोग बीजों को पीसकर आटे के रूप में इस्तेमाल करते थे।

भारत तिल के विभिन्न प्रकारों का उत्पादन करता है, ये सफेद रंग से लाल और काले रंग के होते हैं, और इनमे तेल की मात्रा 40% से 50% तक होती है।

तिल के सफ़ेद और काले बीजों को खाया जाता है, और भूरे रंग के बीजों को तेल निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सफ़ेद भारतीय तिल के बीजों का कुरकुरा स्वाद होता है और उनका इस्तेमाल मिठाई, बेक्ड खाद्य पदार्थ और मिष्ठान बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। काले भारतीय तिल के बीजों का इस्तेमाल भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। छिलके निकले हुए बीजों का इस्तेमाल स्नैक्स बनाने के लिए किया जाता है।

भारतीय तिल के बीजों का 80% उत्पादन खरीफ के मौसम में किया जाता है (जून- जुलाई; सितम्बर - अक्टूबर)। बाकी की फसल को रबी मौसम (दिसंबर से मार्च) में लगाया जाता है। 

भारत का सबसे बड़ा तिल उत्पादन क्षेत्र हैं: गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान।

Cumin Seeds

जीरा

एशिया में जीरा औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। 

भूमध्यसागरीय का मूल, जीरा भारत, मिस्र, सीरिया, तुर्की, चीन और अमेरिका के कुछ हिस्सों में उगाया जाता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा जीरा निर्माता और उपभोक्ता है। 

विश्वभर में लगभग 300,000 टन जीरा का उत्पादन किया जाता है, एशियाई देशों में बड़े पैमाने पर उत्पादन केंद्रित है। जीरा निर्यात की वैश्विक मांग लगभग 30,000 प्रति वर्ष है। 

भारत में, जीरा अक्टूबर-नवंबर में बोया जाता है और फरवरी में काटा जाता है। बाज़ार में ताजा फसल मार्च तक पहुँचती है। 

भारत का सबसे बड़ा जीरा उत्पादन क्षेत्र पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पंजाब है। 

भारतीय जीरा को मुख्य रूप से जापान, ब्राजील, सिंगापुर, अमेरिका और ब्रिटेन में निर्यात किया जाता है।

Coriander Seeds

धनिया के बीज

2000 BC में धनिया की खेती बेबीलोन के हैंगिंग गार्डन के कई पौधों में से एक थी। 

मोरक्को के धनिया के विपरीत, भारतीय धनिया का एक सुंदर हरा रंग, अद्वितीय 'फुटबॉल' का आकार और साइट्रस का स्वाद है। 

भारत में, विशेष रूप से सभी राज्यों में धनिया की खेती की जाती है और डेक्कन और दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु) की काली कपास की मिट्टी और उत्तर भारत की समृद्ध तलछटी दूमट की महत्वपूर्ण अतिरिक्त फसल है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में, 100,000 एकड़ से अधिक जमीन पर धनिया की खेती की जाती है। इसी तरह, धनिया पंजाब और पड़ोसी राज्यों में काफी बड़े पैमाने पर उगाया जाता है।

Raisins

किशमिश

भारतीय किशमिश विभिन्न रंगों और आकारों में पाई जाती है। उनका स्वाद उन्हें उत्पन्न करने वाले अंगूरों के समान होता है, केवल उन्हें सूखाने के कारण वह और अधिक मीठे हो जाते हैं।

प्राकृतिक रूप से टिकाऊ खाद्य पदार्थ, किशमिश कम नमी और pH स्तर के कारण बहुत अधिक समय तक ताज़ी रहती है। 

भारत में अंगूर की प्रमुख खेती महाराष्ट्र - 75% उत्पादक, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में की जाती है।

1 किलोग्राम किशमिश बनाने के लिए, 4 किलो से अधिक नए अंगूर की आवश्यकता होती है। अच्छी गुणवत्ता की किशमिश बनाने के लिए इन अंगूरों को धूप में ट्रे में डालकर सुखाया जाता है। किशमिश के उत्पादन के लिए सबसे महत्वपूर्ण अंगूरों में थॉम्पसन सीडलेस, सोनाका और रुडस्टॉक शामिल हैं।

Fenugreek Seeds

मेथी दाना

मूल रूप से दक्षिण यूरोप और पश्चिम एशिया में पैदा होने वाली मेथी की भारत, अर्जेंटीना, मिस्र और भूमध्य क्षेत्र में खेती की जाती है। 

मेथी का बीज वार्षिक रूप से पकने वाले पौधे के बीज होते हैं। इस स्वस्थ पौधे के हलके हरे रंग के पत्ते होते हैं, इनकी 30-60 सेमी की लंबाई होती है और पतली लंबी 10-15 सेमी की फलियों का उत्पादन होता है, 1प्रत्येक फली में 10-20 छोटे कठोर भूरे बीज होते है जो लगभग 3 मिमी लंबे चिकने और आयताकार बीज होते है, हर बीज एक कोने से ग्रूव किया हुआ दिखाई देता है, जिसके कारण वे हुक की तरह दिखाई देते है।

ये पाला और कम तापमान को सहन करने में सक्षम होते है, मेथी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में उगाई जाती है।

ये पाला और कम तापमान को सहन करने में सक्षम होते है, मेथी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब में उगाई जाती है। 

भारतीय मेथी के प्रमुख आयातक सऊदी अरब, जापान, मलेशिया, सिंगापुर, श्रीलंका, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं।

Chickpeas

छोला/चना

छोला बेहद पौष्टिक होते हैं और दो प्रकार के होते है: देसी और काबुली। 

देसी छोले काबुली छोले की तुलना में छोटे होते हैं, गहरे भूरे रंग के होते हैं और उनका बीजावरण मोटा होता है और यह एशियाई देशों में अधिक लोकप्रिय हैं।

काबुली छोले का रंग सफेद-क्रीम सा होता है, इनका बीजावरण पतला होता है और इनका इस्तेमाल सूप और सलाद या पीसकर आटे के रूप में किया जाता है।

भारत विश्व के 70% छोला का उत्पादक है। भारत में देसी छोले का अधिक उत्पादन किया जाता है। 

भारतीय छोला के प्रमुख आयातक हैं तुर्की, ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको, कनाडा, सीरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका। एशियाई महाद्वीप में देश देसी प्रकार के छोले के प्रमुख आयातक हैं और बाकी देश काबुली प्रकार के छोले का आयात करते हैं।

Fennel Seeds

सौंफ़ के बीज

भारत सौंफ़ के बीज का विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक है। सौंफ़ के बीजों को उनके ठंडे, ताज़े स्वाद के लिए जाना जाता है। भारत में गर्मियों के महीनों के दौरान सौंफ़ के बीजों की खपत बढ़ जाती है।

भारतीय सौंफ़ का उपयोग भोजन, दवाइयों, शराब, सुगंधी में भी किया जाता है और उसे बीज, पाउडर और तेल के रूप में निर्यात किया जाता है। . सौंफ़ के बीजों का शरबत भारतीयों की ख़ास पसंद है, यह असहनीय गर्म जलवायु को सहन करने में मदद करता है।

 

भारत में सौंफ़ की खेती के प्रमुख क्षेत्रों में गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश हैं। 

सौंफ़ के बीज के सबसे बड़े आयातक सिंगापुर, श्रीलंका, मलेशिया, सऊदी अरब, जापान, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और अमेरिका हैं। 

Kalonji Seeds

कलौंजी के बीज

काले बीज का तेल - विश्व का सबसे स्वास्थ्यप्रद तेल - कलौंजी बीज से बनाया जाता है। काले बीज (कलौंजी) पौधे का वैज्ञानिक नाम निगाला सतीवा है।

तुर्की और इटली में उगने वाले कलौंजी बीज का उपयोग सदियों से मिस्र और भारत में पारंपरिक दवाओं के रूप में किया जाता रहा है। कलौंजी के बीज त्रिकोणीय, काले, एक तीखी गंध युक्त होते है, इनमें तेल की मात्रा बहुत अधिक होती है और इन्हें पूरे भारत में उगाया जाता है।  

Dill Seeds

शतपुष्पा

शतपुष्पा मूल रूप से मध्य एशिया में पाई जाने वाली औषधि है; इसे यूरोप और उत्तरी अमेरीका में भी व्यापक पैमाने पर उगाया जाता है।

शतपुष्पा मूल रूप से मध्य एशिया में होता है। मिस्त्र और भूमध्यसागरीय देशों या पूर्वी यूरोप के देशों में भी इसका उत्पादन बड़ी मात्रा में किया जाता है।   

भारत और पाकिस्तान शतपुष्पा के प्रमुख उत्पादन क्षेत्र हैं, मिस्त्र, फिजी, मैक्सिको, नीदरलैंड, संयुक्त राज्य, इंग्लैंड, और हंगरी भी व्यावसायिक रूप से अन्य उत्पादक क्षेत्र हैं जो विश्व उत्पादन में थोड़ा योगदान देते हैं।

भारत शतपुष्पा और इससे बने हुए पदार्थों का प्रमुख उत्पादक है। पिछले पांच वर्षों में गंध तेल और बीजों का निर्यात बढ़ा है। भारत विभिन्न यूरोपीय देशों में संपूर्ण और पीसी हुई औषधि का निर्यात करता है।

Onions

प्याज

प्याज की खेती 7000 वर्ष पहले शुरू की गई थी। औसतन एक व्यक्ति साल भर में 13.7 पाउंड प्याज का उपभोग करता है। लीबिया में प्याज बहुत पसंद की जाती है जहां प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष 66.8 पाउंड प्याज का उपभोग करता है।

भारत में प्रत्येक वर्ष 40,00,000 मीट्रिक टन प्याज का उत्पादन होता है और यह चीन के बाद दुनिया का दूसरा प्याज उत्पादक देश है।

भारत में प्याज का उत्पादन तीन फसल सीजन खरीफ (अक्टूबर-नवंबर), लेट खरीफ (जनवरी-फरवरी) और रबी (अप्रैल-मई) में होता है। कुल उत्पादन में रबी सीजन की फसल का 60 फीसदी योगदान होता है जबकि खरीफ और लेट खरीफ का योगदान 20 फीसदी होता है।

मुंबई से निर्यात होने वाला प्याज व्यापक रूप से नासिक/पुणे क्षेत्र का होता है। दक्षिणी किस्म में लगभग 50,000 mts Podisu, 5000 Mts Mutlore and Nathu, 45000 MT Bangalore Rose तथा लगभग 20,000 Mt Bellary प्याज निर्यात की जाती है।